जीवन की सफलता-असफलता पर हमारे व्यवहार की छोटी-छोटी बातों का भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता लायन बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।छोटी-छोटी खराब आदतें स्वभाव की जरा-सी विकृति रहन-सहन का गलत ढंग आदि सामान्य-सी बातें होने पर भी मनुष्य की उन्नति,विकास,सफलता के मार्ग में रोड़ा बनकर खड़ी हो जाती हैं।किंतु इनका सुधार न करके लोग अपनी असफलताओं के दूसरे कारण गढ़कर अपने आप को संतुष्ट करने का असफल प्रयास करते हैं।प्रत्येक व्यक्ति स्वयमेव अपने आप का एक चलता-फिरता विज्ञापन है।यह भी सच है कि विज्ञापन जैसा होगा,उसका प्रभाव भी वैसा ही पड़ेगा।बात-चीत, वेशभूषा,रहन-सहन से मनुष्य का व्यक्तित्व प्रदर्शित होता है।जिन बुरी आदतों से अपना गलत विज्ञापन हो,अपना फूहड़पन,बेवकूफी जाहिर हो,उन्हें छोड़ने का प्रयत्न करना आवश्यक है।
किसी भी तरह के चारित्रिक,व्यावहारिक दोष मनुष्य को असफलता और पतन की ओर प्रेरित कर सकते हैं।समाज में उसका मूल्य,प्रभाव नष्ट कर सकते हैं।चरित्र और व्यवहार की साधारण-सी भूलें मनुष्य की उन्नति,विकास का रास्ता रोक लेती हैं।
कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी प्रसन्नता,मुस्कुराहट,आशा भरी हँसी से एक सजीव,सुंदर,उत्कृष्ट वातावरण का निर्माण करते हैं।केवल मनुष्य के दृष्टिकोण और जीवन जीने की इच्छाशक्ति का अंतर है।सामाजिक सहयोग,लोगों की सहायता तथा अपने क्षेत्र में सफलता से वंचित होने का एक बड़ा कारण-प्रत्येक बात में दूसरों की आलोचना करना।ये छोटी-छोटी बातें ध्यान में रखनी चाहिए;क्योंकि ये मनुष्य की उन्नति में बहुत बड़ी बाधक बन जाती हैं।इनके सुधार के लिए सदा ही प्रयत्न करते रहना चाहिए।



















